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A textbook chapter on Uttar Pradesh general knowledge — administrative structure (75 districts, 18 divisions), legislature and constitutional offices, geography and rivers, protected areas and state symbols, heritage and GI products, economy-infrastructure milestones and the state's historical arc — at UPESSC PGT general-knowledge depth.
A chapter on India's major national and international current events of 2025-26 — the Pahalgam attack and Operation Sindoor, Maha Kumbh 2025, the AI-171 crash, the February 2026 trade deal, the Delhi-hosted BRICS summit, Naxal-free declaration, Iran's war and Khamenei's killing, the Nobel 2025 slate, COP30-COP31, and space milestones — at UPESSC PGT general-knowledge depth.
Study notes for education-sector current affairs — NEP 2020 rollout, curriculum frameworks, school missions, assessment and entrance-exam reforms, higher-education architecture, digital public infrastructure, scholarships and the latest data — prepared for UPESSC PGT Hindi.
A comprehensive analysis of Indian history spanning ancient administrative structures, medieval cultural synthesis, and the organized national movement against British colonial rule, written for the general studies part of the paper.
A comprehensive analysis of the physical, climatic, and human geography of India with a specialized focus on Uttar Pradesh, written for the general knowledge part of the paper.
A comprehensive textbook chapter covering the making, structure, and philosophy of the Indian Constitution, detailing the executive, legislature, judiciary, fundamental rights, and key amendments for the general studies paper.
A textbook chapter on the structure of the Indian economy — national income, sectors, planning, RBI and monetary policy, banking, Budget arithmetic, taxation including GST 2.0 and the Income-tax Act 2025, inflation, the external sector and fiscal federalism — at UPESSC PGT general-knowledge depth.
A textbook chapter on environment and ecology — ecosystems and energy flow, biomes, biodiversity and conservation, pollution types, climate change and global treaties, India's protected-area network and environmental laws — at UPESSC PGT general-knowledge depth.
Study notes for sports awards and books-authors — national sports honours, Olympic and Paralympic results, chess and cricket highs, stadium records and the major literary prizes with their recent winners — prepared for UPESSC PGT Hindi.
A textbook chapter on general science — SI units and mechanics, light-sound-electricity, chemistry of matter and household substances, cell biology and human physiology, nutrition and diseases, everyday scientific phenomena and India's space-defence milestones — at UPESSC PGT general-knowledge depth.
पीजीटी हिंदी के लिए वर्ण विचार व वर्तनी: वाक् प्रक्रिया और उच्चारण, व्यंजनों का वर्गीकरण - अवरोध की मात्रा, व्यंजनों का वर्गीकरण - उच्चारण स्थान, स्वरों का वर्गीकरण, हिंदी वर्तनी के मूल नियम और संधि, वर्तनी संबंधी भूलें - अनुस्वार और अनुनासिकता।
पीजीटी हिंदी के लिए संधि: संधि: अर्थ, भेद, दीर्घ और गुण संधि, वृद्धि, यण्, अयादि, पररूप और पूर्वरूप संधि, व्यंजन (हल्) और विसर्ग संधि।
पीजीटी हिंदी के लिए समास: समास की परिभाषा, विग्रह वाक्य और समस्त पद की रूपसिद्धि, अव्ययीभाव और तत्पुरुष समास: नियम, अर्थ और विभक्ति-संबंध, कर्मधारय और द्विगु समास: विशेषण विशेष्य तथा संख्यापूर्व समास, बहुव्रीहि और द्वन्द्व समास: अन्यपदार्थ प्रधान तथा उभयपदार्थ प्रधान समास, नञ्-तत्पुरुष और विशेष समास-प्रकार।
पीजीटी हिंदी के लिए लिंग वचन कारक: हिंदी में लिंग: व्याकरणिक स्वरूप, पहचान और लिंग-परिवर्तन, हिंदी में वचन: एकवचन, बहुवचन और बहुवचन-निर्माण के नियम, हिंदी के कारक: आठ भेद, विभक्ति-चिह्न और प्रयोग, विभक्ति, उपपद-विभक्ति और संस्कृत शब्दरूप।
पीजीटी हिंदी के लिए उपसर्ग–प्रत्यय: रूपिम और प्रत्यय: रूप, भेद तथा स्थान, उपसर्ग, अर्थ-परिवर्तन और शून्यरूप, शब्द-निर्माण, व्युत्पादन और रूपसाधन, रूपस्वनिमिक परिवर्तन और रूपिम-विश्लेषण।
पीजीटी हिंदी के लिए पर्यायवाची: पर्यायता, पर्यायवाची और विलोम: अर्थ, परीक्षण तथा भेद, अंग-अंगी संबंध, सह-अंग और प्रतिमान-आधारित वर्गीकरण, समध्वनिकता, समनामिता, अनेकार्थकता और लाक्षणिकता, अर्थ-विश्लेषण, घटकीय अर्थविज्ञान और पर्याय-कोश परंपरा।
पीजीटी हिंदी के लिए विलोम: विलोम: अवधारणा और भेद — श्रेणीबद्ध व अश्रेणीबद्ध, अर्थ विश्लेषण, अर्थ निर्धारण और कोश में विलोम, परीक्षोपयोगी विलोम युग्म: उपसर्ग-प्रत्यय से बने विपरीतार्थक, दिशा-विपरीत प्रक्रियाएँ और भ्रम पैदा करने वाले जोड़े।
पीजीटी हिंदी के लिए मुहावरे–लोकोक्तियाँ: उक्ति, मुहावरा, कहावत, लोकोक्ति और कोश-परंपरा, भाव-पल्लवन: अर्थ, अन्य विधाओं से भेद और प्रक्रिया, परीक्षोपयोगी मुहावरे-लोकोक्तियाँ: वाक्य-प्रयोग, निकट-अर्थ जोड़े और ग़लत-प्रयोग के भ्रम।
पीजीटी हिंदी के लिए वाक्य शुद्धि: वाक्य: परिभाषा, उद्देश्य-विधेय, अर्थ और प्रयोग-संदर्भ, वाक्य के प्रकार, बीज वाक्य और रचनांतरण, वाक्य-शुद्धता, प्रजनक व्याकरण और त्रुटि-विश्लेषण।
पीजीटी हिंदी के लिए विराम चिह्न: विराम-चिह्न: अर्थ, कार्य और विभाजक चिह्न, प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, उद्धरण और कोष्ठक चिह्न, योजक, लाघव, लोप और अन्य लिपि चिह्न, अर्थ-निर्धारण, मानकीकरण और यूनिकोड में विराम-चिह्न।
पीजीटी हिंदी के लिए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: अवधारणा, गुण और व्यक्तिसूचक शब्द, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: निषेध, समय, स्थान और शब्द-निर्माण, वर्ग-वार परीक्षोपयोगी अनेक-शब्दों-के-लिए-एक-शब्द सूची: व्यवसाय, विद्या, आवास, समूह और अवस्थाएँ।
पीजीटी हिंदी के लिए अपठित गद्य: हिंदी गद्य का स्वरूप और ऐतिहासिक विकास, हिंदी गद्य-विधाएँ: कथा, नाटक, निबंध और नवीन विधाएँ, गद्य के अवयव, शैलियाँ और पाठ-सिद्धांत, अपठित गद्य-पठन, बोध, सार-संक्षेपण और शीर्षक-चयन।
पीजीटी हिंदी के लिए अपठित पद्य: कविता का स्वरूप, गद्य से भेद और काव्य के अवयव, भावपक्ष, कलापक्ष, प्रतीक और बिंब, अपठित कविता-पठन और भाव-पल्लवन, हिंदी कविता का काल-विभाजन, काव्य-प्रवृत्तियाँ और पाश्चात्य काव्यशास्त्र।
पीजीटी हिंदी के लिए वर्तनी-अशुद्धिशोधन: हिंदी वर्तनी: स्वरूप, मानकीकरण, अशुद्धियाँ और शुद्ध रूप, संयुक्त वर्ण, शब्द-पृथक्करण और योजक-चिह्न के नियम, अनुस्वार, चंद्रबिंदु, विसर्ग, हलंत और स्वन-परिवर्तन, आगत शब्द, नुक्ता और लेखन-दोष।
पीजीटी हिंदी के लिए वाक्यांश के लिए एक शब्द: पदबंध और वाक्यांश: वाक्य, उद्देश्य तथा विधेय, वाक्यांश-संकुचन, काल-स्थानवाचक शब्द और भ्रमित-जनक युग्म, व्यक्ति, दशा, रूप-विशेष और विविध एक-शब्द प्रतिस्थापन।
पीजीटी हिंदी के लिए अनेकार्थी शब्द: अर्थ, शब्द-अर्थ संबंध और अनेकार्थकता, समनामिता, समध्वनिकता और लाक्षणिकता, मुख्यार्थ और अर्थ-परिवर्तन की दिशाएँ, अनेकार्थक शब्दों की परीक्षा-उपयोगी सूची।
पीजीटी हिंदी के लिए भिन्नार्थक शब्द: समनामिता, समध्वनिकता, घटकीय विश्लेषण और सूक्ष्म अर्थ-भेद, समोच्चरित शब्द युग्मों की परीक्षा उपयोगी सूची, अनेकार्थी शब्द और बहु-अर्थता: एक शब्द के अनेक अर्थ, संदर्भ से अर्थ-चयन और परीक्षा भ्रम।
पीजीटी हिंदी के लिए काल: क्रिया, धातु और काल की व्याकरणिक अवधारणा, भूत, वर्तमान और भविष्यत् काल के भेद, पक्ष, वृत्ति, काल के अपवाद और क्रिया-पदबंध संरचना।
पीजीटी हिंदी के लिए संज्ञा: संज्ञा: परिभाषा और वर्गीकरण-योजनाएँ, व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञा, समुदायवाचक, द्रव्यवाचक और संज्ञा का भाषावैज्ञानिक विश्लेषण।
पीजीटी हिंदी के लिए सर्वनाम: सर्वनाम: परिभाषा, भेद और तीन पुरुष, मैं, हम, तुम, आप तथा निश्चयवाचक और निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
पीजीटी हिंदी के लिए क्रिया: क्रिया और धातु: मूल, यौगिक तथा संयुक्त धातु, सकर्मक, अकर्मक, द्विकर्मक क्रिया और कर्म के भेद, प्रेरणार्थक क्रिया, अकर्मक-सकर्मक रूपांतरण और प्रयोग-भेद।
पीजीटी हिंदी के लिए विशेषण: विशेषण: परिभाषा, वर्गीकरण और सार्वनामिक विशेषण, गुणवाचक और संख्यावाचक विशेषण तथा निश्चित संख्यावाचक के भेद, अपूर्णांक-बोधक, अनिश्चित संख्यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण, विशेषण के विशेष प्रयोग, तुलनात्मक अवस्थाएँ और रूप-रचना।
पीजीटी हिंदी के लिए आदिकाल: आदिकाल: स्वरूप, काल-सीमा, नामकरण और वीरगाथा-काल विवाद, आदिकाल का सिद्ध, नाथ, संत और जैन साहित्य, प्रमुख रासो काव्य और उनकी साहित्यिक परंपरा, अन्य रासो, लौकिक साहित्य, गद्य और फुटकल रचनाएँ।
पीजीटी हिंदी के लिए भक्तिकाल — सूफी काव्य: प्रेमाश्रयी काव्य, सूफ़ी उत्पत्ति, इतिहास और विचारधारा, प्रेमाख्यानक कथानक रूढ़ियाँ और काव्य प्रवृत्तियाँ, प्रेमाख्यानक परंपरा में मृगावती और मधुमालती, चन्दायन, जायसी और पद्मावत: ग्रंथ, रूपक और इतिहास-विवाद।
पीजीटी हिंदी के लिए भक्तिकाल — राम काव्य: रामकथा-परंपरा, दर्शन, रामानंद और तुलसी-पूर्व रामकाव्य, तुलसीदास: जीवन, कवि-स्वरूप और प्रामाणिक रचनाएँ, रामचरितमानस: संरचना, भाषा, चरित्र और सामाजिक चेतना, तुलसी की अन्य कृतियाँ और परवर्ती-आधुनिक रामकाव्य।
पीजीटी हिंदी के लिए भक्तिकाल — कृष्ण काव्य: कृष्ण-परंपरा, शुद्धाद्वैत और वल्लभाचार्य, अष्टछाप, सूरदास और सूरसागर की परंपरा, भ्रमरगीत, ब्रज-लोकजीवन और सूरदास की काव्य-शैली, राधा, अन्य अष्टछाप कवि, सम्प्रदाय और आधुनिक कृष्ण-काव्य।
पीजीटी हिंदी के लिए रीतिकाल — रीतिबद्ध रीतिसिद्ध रीतिमुक्त: रीतिकाल: नामकरण, प्रेरणास्रोत, रीति और काव्य-वर्गीकरण, रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्य, रीति-ग्रंथ परंपरा और उसके प्रमुख कवि, बिहारी, घनानंद और अन्य रीतिकालीन कवि।
पीजीटी हिंदी के लिए भारतेन्दु युग: भारतेन्दु युग: पृष्ठभूमि, राष्ट्रीय-सामाजिक चेतना और आलोचक-मत, भारतेन्दु: जीवन, कविता, गद्य और नाटक, भारतेन्दु मंडल और युगीन कविता का स्वरूप, पुरानी काव्यधारा, गद्य-विधाएँ और युगीन पत्रकारिता।
पीजीटी हिंदी के लिए द्विवेदी युग: द्विवेदी युग, सरस्वती, खड़ीबोली परिमार्जन और द्विवेदी का लेखन, द्विवेदीयुगीन कविता और उसके प्रमुख कवि, हिंदी कहानी का उद्भव और आरंभिक विकास, उपन्यास, नाटक, निबंध और वैचारिक गद्य।
पीजीटी हिंदी के लिए छायावाद: छायावाद: काल, पृष्ठभूमि, नामकरण, प्रवर्तन और स्वरूप, छायावादी प्रवृत्तियाँ और प्रमुख कवि, जयशंकर प्रसाद और निराला का काव्य, पंत, महादेवी और छायावाद का आलोचनात्मक मूल्यांकन।
पीजीटी हिंदी के लिए प्रगतिवाद: प्रगतिवाद: उदय, लेखक-आन्दोलन, वैचारिक बहस और दार्शनिक आधार, प्रगतिशील कविता: ऐतिहासिक चेतना, प्रवृत्तियाँ और अभिव्यंजना-शिल्प, नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल और त्रिलोचन, शमशेर, मुक्तिबोध और परवर्ती प्रगतिशील परंपरा।
पीजीटी हिंदी के लिए प्रयोगवाद व नयी कविता: प्रयोगवाद: उदय, सप्तक-परंपरा, प्रवृत्तियाँ और शिल्प, प्रयोगवाद से नयी कविता तक का विकास, नयी कविता: अर्थ, शिल्प, कवि और दो धाराएँ, साठोत्तरी कविता, अकविता, धूमिल और समकालीन कविता की दिशा।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी गद्य — निबन्ध नाटक उपन्यास कहानी: हिंदी कहानी: उद्भव, प्रेमचन्द और कथा-आंदोलन, हिंदी उपन्यास: उद्भव, प्रारंभिक रूप और प्रेमचन्द, प्रेमचन्दोत्तर और समकालीन हिंदी उपन्यास, हिंदी निबंध-परंपरा के प्रमुख चरण और निबंधकार, भारतेन्दु से प्रसाद और आगे हिंदी नाटक का विकास।
पीजीटी हिंदी के लिए लघु विधाएँ — जीवनी आत्मकथा यात्रा व्यंग्य: हिंदी जीवनी: परंपरा, स्वतंत्रता-युग और प्रमुख कृतियाँ, संस्मरण: स्वरूप, परंपरा और प्रमुख कृतियाँ, रेखाचित्र: स्वरूप, विशेषताएँ और शैलियाँ, यात्रा साहित्य, रिपोर्ताज, व्यक्ति चित्र, व्यंग्य और चित्रकथा।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी साहित्य के इतिहास की लेखन परंपरा: हिंदी इतिहास-लेखन: प्रारंभिक ग्रंथ, शुक्ल और काल-विभाजन, शुक्ल की इतिहास-दृष्टि और भक्तिकालीन काव्य-विवेचन, द्विवेदी की मानववादी, अखिल-भारतीय और अविच्छिन्न-धारा दृष्टि, शास्त्र-लोक, परंपरा और शुक्ल-द्विवेदी तुलना, स्वातंत्र्योत्तर इतिहास-लेखन, चिंतक और नए विमर्श।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी साहित्य का काल-विभाजन: काल-विभाजन: आवश्यकता, आधार, कठिनाइयाँ और सीमाएँ, शुक्ल-पूर्व काल-विभाजन और शुक्ल का चार-काल ढाँचा, शुक्लोत्तर इतिहासकार और द्विवेदी की काल-विभाजन दृष्टि, मध्यकाल और आदिकाल पर पुनर्विचार, भक्तिकाल और रीतिकाल पर पुनर्विचार, आधुनिक काल पर पुनर्विचार।
पीजीटी हिंदी के लिए आदिकाल — नामकरण व प्रवृत्तियाँ: आदिकाल: सीमा, नामकरण, भाषा और साहित्यिक प्रवृत्तियाँ, सिद्ध, जैन, नाथ और संत साहित्य, रासो परंपरा और उसके प्रमुख प्रबंध, लौकिक साहित्य, आरंभिक गद्य, खुसरो और विद्यापति।
पीजीटी हिंदी के लिए भक्तिकाल — विशेषताएँ व प्रवृत्तियाँ: भक्ति: उदय, आचार्य-परंपरा, सामाजिक पृष्ठभूमि और अखिल-भारतीय प्रसार, निर्गुण सगुण विभाजन, संत काव्य और सूफी काव्य, राम-भक्ति का वेदान्तिक आधार और विशिष्टाद्वैत, कृष्ण-भक्ति, शुद्धाद्वैत और निर्गुण-सगुण का सामाजिक अंतर्विरोध।
पीजीटी हिंदी के लिए रीतिकाल — विशेषताएँ: रीतिकाल: नामकरण, राजनीतिक सामाजिक पृष्ठभूमि और रीति परंपरा, रीतिकाव्य: स्वरूप, सामान्य प्रवृत्तियाँ और प्रेरणा स्रोत, रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त काव्य और भूषण का अपवाद।
पीजीटी हिंदी के लिए गीत व नवगीत: गीत का स्वरूप और परंपरा: आरंभिक रूप से द्विवेदी युग तक, छायावादी, राष्ट्रीय और महादेवी के गीत, रहस्यवाद, स्वच्छंदतावाद और प्रगीत परंपरा, प्रगतिवादी काव्य, नवगीत आंदोलन और नागार्जुन।
पीजीटी हिंदी के लिए प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियों व सूक्तियों के रचयिता: सूक्ति, लोकोक्ति और भाव-पल्लवन, प्रसिद्ध सूक्तियाँ और उनके रचयिता, कबीर की साखी पद और सामाजिक विद्रोह, सूरदास का भ्रमरगीत और बाललीला, तुलसीदास की मानस-पंक्तियाँ और काव्य-विचार, बिहारी सतसई और प्रसिद्ध दोहे, द्विवेदी-युगीन कवियों की प्रसिद्ध पंक्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए भक्तिकाल — संत काव्य: भक्ति-आन्दोलन, निर्गुण-विभाजन और संत-पंथ का स्वरूप, ज्ञानाश्रयी काव्य पर प्रभाव और पूर्व-संत परंपरा, कबीर, रैदास और धर्मदास: जीवन, रचनाएँ और विचारधारा, गुरु नानक और दादू: संत-विचार और परंपराएँ, विस्तृत संत-परंपरा और ज्ञानाश्रयी काव्य की प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए जायसी: जायसी: जीवन, ग्रंथ और प्रेमाश्रयी काव्य में स्थान, सूफ़ीमत, उसके सम्प्रदाय और जायसी की सिलसिला-सम्बद्धता का विवाद, जायसी की प्रेम-साधना, सूफ़ी मंज़िलें और रहस्यवाद, पद्मावत: रचना-काल, कथावस्तु, ऐतिहासिकता और महाकाव्यत्व, पद्मावत का रूपक, सौन्दर्य, भाषा और मसनवी-शैली।
पीजीटी हिंदी के लिए तुलसीदास: तुलसीदास: जीवन और ग्रंथ-परंपरा, रामकथा-परंपरा और रामचरितमानस की रचना-दृष्टि, रामचरितमानस: कथा, दर्शन और भाषा, रामचरितमानस: छंद, चरित्र-चित्रण और सामाजिक चेतना, अन्य कृतियाँ, प्रभाव और परवर्ती रामकाव्य।
पीजीटी हिंदी के लिए सूरदास: सूरदास, कृष्ण-परंपरा, शुद्धाद्वैत और वल्लभाचार्य, अष्टछाप, सूरसागर और भ्रमरगीत, सूरदास का ब्रज-लोकजीवन, काव्य-शिल्प और राधा-चरित्र, सूरदास का प्रेम-काव्य, अन्य अष्टछाप कवि और कृष्ण-सम्प्रदाय।
पीजीटी हिंदी के लिए मीराबाई: मीराबाई: जीवन, घरेलू विरोध और माधुर्य-भक्ति, मीरा-काव्य में कृष्ण-रूप, विरह और समर्पण, मीरा का पद-काव्य, स्त्री-विद्रोह और भक्ति-आन्दोलन में स्थान, मीरा की भाषा, सम्प्रदाय-संबंध और प्रसिद्ध पदावली।
पीजीटी हिंदी के लिए बिहारी: बिहारी सतसई — जीवन-परिचय, इतिहास और टीका-परंपरा, बिहारी का काव्य-शिल्प, भाषा और आलोचना, बिहारी के नीति और शृंगार दोहे, बिहारी की काव्य-परंपरा और शैली-विशेषता।
पीजीटी हिंदी के लिए जयशंकर प्रसाद: प्रसाद का जीवन और युग-परिवेश, प्रसाद का रचना-संसार और छायावादी काव्य-यात्रा, प्रसाद का इतिहास-बोध और राष्ट्रीय चेतना, प्रसाद की प्रेम-व्यंजना और विरह-वेदना, कामायनी का स्वरूप, दर्शन और प्रतीक-विधान, प्रसाद की भाषा, शिल्प और रहस्य-दर्शन।
पीजीटी हिंदी के लिए सूर्यकांत त्रिपाठी निराला: निराला का जीवन और युग-परिवेश, निराला का राष्ट्रीय और सामाजिक जागरण, निराला का रचना संसार और काव्य संग्रह, निराला का तुलसीदास राम की शक्तिपूजा और सरोज-स्मृति, निराला का मुक्त छंद सिद्धांत, निराला की काव्य-अंतर्वस्तु और रचना-विधान, निराला का व्यक्तित्व और आलोचनात्मक मूल्यांकन।
पीजीटी हिंदी के लिए सुमित्रानंदन पंत: पंत का जीवन और युग-परिवेश, पंत की छायावादी काव्य यात्रा और आरंभिक संग्रह, पंत के प्रगतिवादी और आध्यात्मिक चरण, पंत की प्रकृति-सौंदर्य दृष्टि और जीवन-दर्शन, पंत की प्रगीत-कला, भाषा-शिल्प और बिंब-विधान।
पीजीटी हिंदी के लिए महादेवी वर्मा: महादेवी का जीवन, साहित्यिक व्यक्तित्व और संस्थाएँ, महादेवी के काव्य-संग्रह और गद्य-साहित्य, महादेवी की प्रणय-वेदना और प्रकृति-दृष्टि, महादेवी का रहस्यवाद और रहस्यानुभूति, महादेवी की स्त्री-दृष्टि, मानवतावाद और समाज, महादेवी की गीति कला भाषा प्रतीक और बिंब, छायावाद में महादेवी वर्मा का स्थान।
पीजीटी हिंदी के लिए प्रेमचंद: प्रेमचंद का जीवन विचार और युग परिवेश, प्रेमचंद के उपन्यास और प्रकाशन क्रम, गोदान की कथा किसान-जीवन और नगर-दृष्टि, प्रेमचंद की कहानियाँ और सामाजिक चित्रण, प्रेमचंद की पत्रकारिता और साहित्य-दृष्टि, प्रेमचंद का नाटक-साहित्य और कर्बला, प्रेमचंद का आदर्शोन्मुख यथार्थवाद और शिल्प।
पीजीटी हिंदी के लिए केशवदास: केशवदास का जीवन परिचय, वंश एवं राज्याश्रय, केशवदास के काव्य ग्रंथ एवं रामचंद्रिका का शिल्प विधान, केशवदास का आचार्यत्व, रीति-निरूपण एवं काव्यांग-विवेचन, हिंदी आलोचना में केशवदास का मूल्यांकन एवं विवाद।
पीजीटी हिंदी के लिए घनानंद: घनानंद का जीवन वृत्त, दरबारी संदर्भ एवं वैराग्य, घनानंद के प्रमुख काव्य-ग्रंथ एवं काव्य-विषय, घनानंद के काव्य में स्वच्छंद चेतना एवं रीतिमुक्त परंपरा, घनानंद की 'प्रेम की पीर', वियोग शृंगार एवं काव्य शिल्प।
पीजीटी हिंदी के लिए भारतेंदु हरिश्चंद्र: भारतेंदु हरिश्चंद्र का जीवन-वृत्त, वंश एवं साहित्यिक व्यक्तित्व, भारतेंदु की काव्य-कृतियाँ, काव्य-विषय एवं शिल्प, भारतेंदु का नाट्य-साहित्य, रंग-चिंतन एवं रंगमंच, भारतेंदु युग में नवजागरण चेतना, भारतेंदु मंडल एवं पत्रकारिता।
पीजीटी हिंदी के लिए महावीर प्रसाद द्विवेदी: महावीर प्रसाद द्विवेदी का जीवन, 'सरस्वती' का संपादन एवं भाषा परिमार्जन, काव्य-आदर्श, विषय-विस्तार एवं द्विवेदी युगीन खड़ीबोली कविता, द्विवेदी जी की आलोचना-दृष्टि, साहित्य-मूल्यांकन एवं गद्य-विधाओं का विकास, द्विवेदी जी का आधुनिकता-बोध, विवेकवादी चिंतन एवं 'संपत्तिशास्त्र' की सामाजिक-आर्थिक चेतना।
पीजीटी हिंदी के लिए रामचंद्र शुक्ल: काव्य और रस सिद्धांत, लोकमंगल की अवधारणा, साहित्येतिहास दृष्टि और काल विभाजन, व्यावहारिक आलोचना और काव्य रूप।
पीजीटी हिंदी के लिए हजारी प्रसाद द्विवेदी: हजारी प्रसाद द्विवेदी: जीवन और व्यक्तित्व, निबंध का स्वरूप और द्विवेदी जी की निबंध कला, 'कुटज' और 'देवदारु' निबंधों की समीक्षा, 'बाणभट्ट की आत्मकथा' और अन्य साहित्यिक योगदान।
पीजीटी हिंदी के लिए अज्ञेय: अज्ञेय का जीवन परिचय, अज्ञेय की प्रमुख रचनाएँ, अज्ञेय की काव्यगत विशेषताएँ।
पीजीटी हिंदी के लिए मुक्तिबोध: जीवन परिचय और कृतियाँ, जीवन दर्शन और काव्य दृष्टि, कविता की बनावट और शिल्प, 'अंधेरे में' कविता का विश्लेषण।
पीजीटी हिंदी के लिए कबीर: कबीर: जीवन, साहित्य, निर्गुण ईश्वर और माया-दर्शन, कबीर के गुरु, ज्ञान, दार्शनिक प्रभाव और रहस्यवाद, कबीर का सामाजिक प्रतिरोध, धर्म-पाखंड-विरोध और भाषा, कबीर का काव्य-शिल्प और आलोचनात्मक मूल्यांकन।
पीजीटी हिंदी के लिए रस सिद्धान्त: रस का स्वरूप और परंपरा, रससूत्र और उसके अवयव, रस निष्पत्ति के सिद्धांत, साधारणीकरण।
पीजीटी हिंदी के लिए अलंकार: अलंकार का स्वरूप और वर्गीकरण, शब्दालंकार, अर्थालंकार - सादृश्यमूलक, अर्थालंकार - विरोधमूलक एवं अन्य।
पीजीटी हिंदी के लिए छंद: छंद: अर्थ, स्वरूप एवं परिभाषा, छंदशास्त्र का इतिहास एवं आचार्य, मात्रिक छंद: नियम एवं प्रमुख भेद, वर्णिक छंद एवं गण विधान।
पीजीटी हिंदी के लिए शब्दशक्ति: शब्दशक्ति: स्वरूप एवं भेद, अभिधा शब्दशक्ति, लक्षणा शब्दशक्ति, व्यंजना शब्दशक्ति।
पीजीटी हिंदी के लिए काव्य-लक्षण: प्रारंभिक संस्कृत आचार्यों के काव्य-लक्षण, मम्मट और परवर्ती आचार्यों के काव्य-लक्षण, हिंदी कवियों और आलोचकों के काव्य लक्षण, पाश्चात्य विचारकों के काव्य लक्षण।
पीजीटी हिंदी के लिए काव्य के भेद: काव्य का वर्गीकरण और दृश्य काव्य, प्रबन्ध काव्य: महाकाव्य और खण्डकाव्य, श्रव्य काव्य: पद्यकाव्य और गद्यकाव्य के भेद, ध्वनि पर आधारित काव्य भेद।
पीजीटी हिंदी के लिए काव्यगुण: काव्य गुण का स्वरूप और सिद्धांत, माधुर्य, ओज और प्रसाद गुण, गुणों की संख्या और ऐतिहासिक मत, आचार्य वामन के शब्द-गुण और अर्थ-गुण।
पीजीटी हिंदी के लिए काव्यदोष: आचार्य मम्मट और उनका काव्यप्रकाश, काव्य के लक्षण और भेद, संस्कृत काव्यशास्त्र की उत्पत्ति।
पीजीटी हिंदी के लिए भास: भास का परिचय, भास के नाटकों का वर्गीकरण, भास के नाटकों के कथानक, भास के नाटकों में सांस्कृतिक चित्रण।
पीजीटी हिंदी के लिए कालिदास: कालिदास का परिचय और रचनाएँ, महाकाव्य: रघुवंश और कुमारसंभव, गीतिकाव्य: ऋतुसंहार और मेघदूत, कालिदास के नाटक और नाट्यकला।
पीजीटी हिंदी के लिए भवभूति: भवभूति का जीवन-वृत्त, कुल-परम्परा एवं काल-निर्धारण, भवभूति का कर्तृत्व एवं रूपक त्रयी, उत्तररामचरितम् की अंक-योजना, कथानक एवं पात्र-विधान, भवभूति का काव्य-शिल्प, रस-सिद्धान्त एवं शैलीगत वैशिष्ट्य।
पीजीटी हिंदी के लिए भारवि: भारवि : जीवन, काल एवं रचनाएँ, किरातार्जुनीयम् : कथानक एवं सर्ग-संरचना, किरातार्जुनीयम् : काव्य-वैशिष्ट्य, रस एवं अलंकार, भारवि : समीक्षा एवं परम्परा में स्थान।
पीजीटी हिंदी के लिए माघ: माघ : जीवन, काल एवं रचनाएँ, शिशुपालवध : कथानक एवं संरचना, शिशुपालवध : काव्य वैशिष्ट्य, रस एवं अलंकार, माघ : समीक्षा एवं परम्परा में स्थान।
पीजीटी हिंदी के लिए दण्डी: दण्डी: जीवन-वृत्त, वंश-परम्परा एवं काल-निर्धारण, दण्डी की कृतियाँ: काव्यादर्श एवं अवन्तिसुन्दरीकथा, दशकुमारचरितम्: संरचना, विभाजन एवं विश्रुतचरितम्, दण्डी की भाषा शैली, रीति एवं काव्यशास्त्रीय वैशिष्ट्य।
पीजीटी हिंदी के लिए श्रीहर्ष: श्रीहर्ष का जीवनवृत्त, समय एवं रचना-संसार, नैषधीयचरितम्: कथानक, सर्ग-संरचना एवं पात्र, नैषधीयचरितम् का काव्य-सौंदर्य, रस, पदलालित्य एवं शिल्प, श्रीहर्ष का वैदुष्य, दार्शनिक दृष्टि एवं समीक्षा ('नैषधं विद्वदौषधम्')।
पीजीटी हिंदी के लिए बाण: बाणभट्ट: जीवन-वृत्त, वंश-परम्परा एवं काल-निर्धारण, हर्षचरितम्: ऐतिहासिक आख्यायिका एवं संरचनात्मक स्वरूप, कादम्बरी एवं शुकनासोपदेश: कथा-शिल्प, त्रिजन्म-कथानक एवं उपदेश, बाण की गद्य-शैली: पांचाली रीति, अलंकार-विधान एवं काव्यशास्त्रीय प्रशस्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए मम्मट: आचार्य मम्मट: जीवन-वृत्त, काल एवं अवदान, काव्य-प्रयोजन एवं उपदेश-शैलियाँ, काव्य-हेतु, काव्य-लक्षण एवं काव्य-भेद, काव्यप्रकाश की संरचना, कर्तृत्व एवं टीका परम्परा।
पीजीटी हिंदी के लिए भरतमुनि: भरतमुनि एवं नाट्यशास्त्र: स्वरूप, संरचना और इतिहास, नाट्य की उत्पत्ति एवं नाट्यवेद की संकल्पना, भरतमुनि का रससूत्र एवं रस-सिद्धांत, रस के अवयव एवं भाव-विवेचन (स्थायी, विभाव, अनुभाव, व्यभिचारी व सात्विक भाव)।
पीजीटी हिंदी के लिए विश्वनाथ: आचार्य विश्वनाथ: परिचय, कृतित्व एवं साहित्यदर्पण की संरचना, काव्य-प्रयोजन: चतुर्वर्ग फल-प्राप्ति, काव्य भेद निरूपण: महाकाव्य, खण्डकाव्य एवं गद्यकाव्य, काव्य-लक्षण एवं पूर्ववर्ती आचार्यों के मतों का खण्डन।
पीजीटी हिंदी के लिए राजशेखर: राजशेखर: जीवन वृत्त, काल एवं वंश परम्परा, प्रमुख नाट्य कृतियाँ एवं कथानक, काव्यमीमांसा, काव्यशास्त्र एवं शैलीगत वैशिष्ट्य।
पीजीटी हिंदी के लिए जयदेव: जयदेव : जीवन, काल एवं रचनाएँ, गीतगोविन्द : संरचना एवं कथानक, गीतगोविन्द : काव्य-वैशिष्ट्य, रस एवं शैली, गीतगोविन्द : टीकाएँ, अनुवाद एवं महत्त्व।
पीजीटी हिंदी के लिए निबंध — उद्भव व विकास: निबन्ध : अवधारणा, उद्भव एवं विशेषताएँ, भारतेन्दु मण्डल और निबन्ध का आरम्भिक विकास, द्विवेदी युग से शुक्ल युग तक निबन्ध-विकास, स्वातन्त्र्योत्तर निबन्ध : ललित, व्यंग्य एवं वैचारिक।
पीजीटी हिंदी के लिए उपन्यास — उद्भव व विकास: उपन्यास : अवधारणा, उद्भव एवं पृष्ठभूमि, प्रारम्भिक हिन्दी उपन्यास (1877-1918), प्रेमचन्द और स्वतन्त्रता पूर्व उपन्यास, स्वातन्त्र्योत्तर एवं समकालीन उपन्यास।
पीजीटी हिंदी के लिए कहानी — उद्भव व विकास: कहानी : अवधारणा, उद्भव एवं पृष्ठभूमि, प्रारम्भिक हिन्दी कहानी और प्रेमचन्द युग, प्रेमचन्दोत्तर कहानी और नई कहानी, नई कहानी : परवर्ती पीढ़ियाँ एवं कहानी-शैलियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए नाटक — उद्भव व विकास: नाटक : अवधारणा, उद्भव एवं पृष्ठभूमि, भारतेन्दु युग का नाटक, द्विवेदी युग और प्रसाद युग का नाटक, प्रसादोत्तर, स्वातन्त्र्योत्तर एवं समकालीन नाटक।
पीजीटी हिंदी के लिए आलोचना — उद्भव व विकास: आलोचना : अवधारणा, उद्भव एवं प्रारम्भिक प्रवृत्तियाँ, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल और आलोचना की नींव, आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी और परवर्ती आलोचक, मार्क्सवादी एवं आधुनिकतावादी आलोचना।
पीजीटी हिंदी के लिए जीवनी: जीवनी : अवधारणा और विशेषताएँ, जीवनी : भेद और वर्गीकरण, हिन्दी जीवनी-साहित्य : लेखक और रचनाएँ, जीवनी, आत्मकथा और सम्बन्धित विधाओं का अन्तर।
पीजीटी हिंदी के लिए आत्मकथा: आत्मकथा : अवधारणा और विशेषताएँ, आत्मकथा, जीवनी और संस्मरण का अन्तर, हिन्दी आत्मकथा साहित्य : लेखक और रचनाएँ, दलित आत्मकथा और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए संस्मरण: संस्मरण : अवधारणा और विशेषताएँ, संस्मरण, आत्मकथा और रेखाचित्र का अन्तर, हिन्दी संस्मरण-साहित्य : लेखक और रचनाएँ, संस्मरण साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए रेखाचित्र: रेखाचित्र : अवधारणा और विशेषताएँ, रेखाचित्र और संस्मरण : पाँच अन्तर, हिन्दी रेखाचित्र साहित्य : लेखक और रचनाएँ, रेखाचित्र-साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए रिपोर्ताज: रिपोर्ताज : अवधारणा और विशेषताएँ, रिपोर्ताज और रिपोर्ट का अन्तर, हिन्दी रिपोर्ताज साहित्य : लेखक और रचनाएँ, रिपोर्ताज साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए यात्रा-साहित्य: यात्रा साहित्य : अवधारणा और विशेषताएँ, यात्रा-वृत्त और सम्बन्धित विधाएँ, हिन्दी यात्रा साहित्य : लेखक और रचनाएँ, यात्रा साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए डायरी-लेखन: डायरी : अवधारणा और विशेषताएँ, डायरी, पत्र और अन्य विधाओं का अन्तर, हिन्दी डायरी साहित्य : लेखक और रचनाएँ, डायरी साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए व्यंग्य: व्यंग्य : अवधारणा और विशेषताएँ, व्यंग्य की परम्परा और विकास, हरिशंकर परसाई और आधुनिक व्यंग्य, व्यंग्य विधा और समकालीन व्यंग्यकार।
पीजीटी हिंदी के लिए इंटरव्यू: साक्षात्कार : अवधारणा और विशेषताएँ, साक्षात्कार के स्वरूप और विधियाँ, हिन्दी साक्षात्कार साहित्य : लेखक और रचनाएँ, साक्षात्कार साहित्य और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए बाल-साहित्य: बाल साहित्य : अवधारणा और उद्भव, हिन्दी बाल साहित्य का प्रारम्भिक युग (1901-1947), बाल साहित्य का गौरव युग (1947-1980), बाल साहित्य का विकास युग (1981 से) और आधुनिक प्रवृत्तियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए युगप्रवर्तक लेखक: युग-निर्माता लेखक की अवधारणा, युग निर्माता के रूप में भारतेन्दु और द्विवेदी, युग निर्माता के रूप में प्रेमचन्द, आधुनिक हिन्दी साहित्य के युग निर्माता।
पीजीटी हिंदी के लिए युगप्रवर्तक रचनाएँ: युग-निर्माता कृति की अवधारणा, युग-निर्माता कृति के रूप में कामायनी, युग-निर्माता कृति के रूप में गोदान, आधुनिक हिन्दी की युग-निर्माता कृतियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए प्रमुख हिंदी पत्र-पत्रिकाएँ: हिन्दी पत्रकारिता का आरम्भ, प्रारम्भिक हिन्दी समाचार पत्र, प्रारम्भिक हिन्दी पत्रिकाएँ, आधुनिक हिन्दी समाचार पत्र और पत्रिकाएँ।
पीजीटी हिंदी के लिए पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन-स्थान: प्रारम्भिक हिन्दी पत्रों के प्रकाशन-स्थल, प्रमुख नगरों से प्रकाशित पत्र-पत्रिकाएँ, प्रकाशन स्थल और उनकी विशेषताएँ, आधुनिक पत्र पत्रिकाओं के प्रकाशन स्थल।
पीजीटी हिंदी के लिए पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन-वर्ष: प्रारम्भिक हिन्दी पत्रों के प्रकाशन-वर्ष, भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग के प्रकाशन-वर्ष, आधुनिक पत्रिकाओं के प्रकाशन-वर्ष, प्रकाशन-वर्ष और काल-विभाजन।
पीजीटी हिंदी के लिए पत्र-पत्रिकाओं के संपादक: प्रारम्भिक हिन्दी पत्रों के सम्पादक, भारतेन्दु युग के सम्पादक, आधुनिक साप्ताहिक पत्रों के सम्पादक, आधुनिक मासिक पत्रिकाओं के सम्पादक।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी की उपभाषाएँ: उपभाषा की अवधारणा, हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ, उपभाषाएँ और उनकी बोलियाँ, उपभाषा-विभाजन का आधार।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी की विभाषाएँ: विभाषा की अवधारणा, हिंदी की विभाषाएँ, विभाषाएँ और उनके क्षेत्र, विभाषा और बोली का सम्बन्ध।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी की बोलियाँ: बोली की अवधारणा, पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ, पूर्वी हिंदी और राजस्थानी की बोलियाँ, बिहारी और पहाड़ी की बोलियाँ।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी की ध्वनियाँ: ध्वनि की अवधारणा, हिंदी के स्वर, हिंदी के व्यंजन, उच्चारण स्थान और ध्वनि-वर्गीकरण।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी शब्द-सम्पदा: हिन्दी शब्द-सम्पदा की अवधारणा, तत्सम और तद्भव शब्द, देशज और विदेशी (आगत) शब्द, संकर शब्द और शब्द वर्गीकरण।
पीजीटी हिंदी के लिए संधि — स्वर व्यंजन व विसर्ग: सन्धि : अवधारणा और भेद, अच् सन्धि (स्वर सन्धि), हल् सन्धि (व्यञ्जन सन्धि), विसर्ग सन्धि।
पीजीटी हिंदी के लिए समास: समास की अवधारणा, अर्थ और पाँच प्रकार, सामर्थ्य, वृत्ति एवं विग्रह-वाक्य, अव्ययीभाव समास और उसकी कार्यविधि, विभक्ति-तत्पुरुष समास, कर्मधारय, द्विगु, नञ्-तत्पुरुष एवं गति-समास, बहुव्रीहि, द्वन्द्व और समास में लिंग-विधान।
पीजीटी हिंदी के लिए उपसर्ग व प्रत्यय: उपसर्ग व प्रत्यय — मूल अवधारणा, उपसर्गों का अर्थ-विवेचन — द्योतकत्व बनाम वाचकत्व, कृत् और कृत्य प्रत्यय — संज्ञा, विधि-सूत्र और रूपसिद्धि, प्रमुख कृत् प्रत्ययों का प्रयोग — शतृ, शानच्, क्त, क्तवतु, क्त्वा, ल्यप्, तुमुन्, तद्धित प्रत्यय — अधिकार, अर्थ-विभाग और उदाहरण।
पीजीटी हिंदी के लिए विभक्ति-चिह्न (परसर्ग): कारक और विभक्ति की अवधारणा, छह कारक और उनके विभक्ति-चिह्न, प्रथमा विभक्ति और सम्बोधन, कर्म कारक और द्वितीया विभक्ति के नियम, द्वितीया के विशेष नियम और कर्मप्रवचनीय।
पीजीटी हिंदी के लिए शब्दरूप — आत्मने जगत् सरित् बालक हरि अस्मद् युष्मद्: प्रातिपदिक, सुप्-प्रत्यय और विभक्ति-व्यवस्था, अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दरूप — राम और बालक, इकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दरूप — हरि आदि, हलन्त शब्दरूप — आत्मन्, राजन्, जगत् आदि, अस्मद् और युष्मद् — पूर्ण रूप-सिद्धि और वैकल्पिक रूप, सर्वनाम-रूप — सर्व, तद्, यद्, एतद्, किम्, इदम्, अदस्।
पीजीटी हिंदी के लिए धातुरूप — स्था पा गम् पद् हस् (परस्मैपदी): धातु, पद, गण, लकार, पुरुष और वचन, लट्, लङ् और लृट् का रूप-सूत्र (पठ्, खाद्, गम्, भू), भू धातु — लट् और लिट् की सूत्र-स्तरीय सिद्धि, भू धातु — लङ् और विधिलिङ् की सूत्र-स्तरीय सिद्धि।
पीजीटी हिंदी के लिए काल: काल की अवधारणा — तीन काल और तीन मुख्य लकार, काल के विभाजन — परोक्ष, अनद्यतन और शेष लकार, लुट् लकार — अनद्यतन भविष्य की सूत्र-स्तरीय सिद्धि, लृट् लकार — सामान्य भविष्य की सूत्र-स्तरीय सिद्धि।
पीजीटी हिंदी के लिए हिंदी वाक्यों के संस्कृत अनुवाद: अनुवाद की अवधारणा और व्याकरणिक आधार, कर्ता, कर्म और करण विभक्ति के अनुवाद-नियम, सम्प्रदान, अपादान, षष्ठी और सप्तमी के अनुवाद-नियम, लकार-चयन और वाक्य-अनुच्छेद अनुवाद।